C2

प्रवीण (C2)

उच्च स्तर की ग्रामर का लचीला उपयोग, शैली पर नियंत्रण और लगभग मातृभाषी जैसी क्षमता।

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विषय

12 विषय
  1. 1
    अलंकारिक प्रभाव के लिए पक्ष-चयन का सूक्ष्म समायोजन
  2. 2
    उन्नत सूचना-पैकेजिंग (अग्रस्थापन + उलट क्रम)
  3. 3
    संबद्धता के लिए लोप और प्रतिस्थापन (उन्नत)
  4. 4
    नोमिनलाइज़ेशन और घने संज्ञा-समूह
  5. 5
    रजिस्टर स्विचिंग (न्यूनतम संकेतक)
  6. 6
    तर्क-वितर्क में हेजिंग और रुख
  7. 7
    अर्थ के रूप में विराम-चिह्न (semicolon/colon/dash/scare quotes)
  8. 8
    मुहावरे: व्याकरणिक सीमाएँ और स्वीकार्य भिन्नता
  9. 9
    कोलोकेशन नियंत्रण (ऐसे संयोजनों से बचना जो “व्याकरण की दृष्टि से सही, पर अंग्रेज़ी जैसे नहीं” हों)
  10. 10
    फ्रेज़ल वर्ब्स: शैलीगत सटीकता (कब इन्हें इस्तेमाल करें)
  11. 11
    शैक्षणिक शैली में उन्नत रिपोर्टेड स्पीच
  12. 12
    “अंतिम चरण” की त्रुटियाँ: आर्टिकल/पूर्वसर्ग/सहमति जटिल संज्ञा-समूहों के भीतर
प्रवीण (C2) | English Grammar Checklist